अभी तक की यह दूसरी घटना है
दिलीप गुप्ता
सरायपाली
सरायपाली के जंगलों में अभी तेंदूपत्ता तोड़ने का सीजन है । शासन की लाभकारी में यह भी एक ग्रामीणों के लिए लाभकारी योजना है । ग्रामीणों को तेंदूपत्ता के एवज में मूलधन के साथ ही बोनस भी मिलने से इस योजनाओं के प्रति ग्रामीणों व मजदूरों में रुझान अधिक है । किंतु इसके साथ ही जंगलों में तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए गए ग्रामीणों को जंगली जानवरों व खासकर भालुओं के हमलों की संभावना अधिक रहती है ।
इन जंगली जानवरों के हमले ग्रामीणों के ऊपर 2 अवसरों में अधिक होते हैं । महुवा फल व तेंदूपत्ता तोड़ने के सीजन में भालुओं के हमलों का खतरा अधिक होता है । कुछ दिनों पूर्व ही अमलीडीह निवासी दशरथ सेठ को 3 भालुओं ने आक्रमण कर बुरी तरह से घायल कर दिया था ।आज एक दूसरी घटना तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए ग्राम पंचायत पतेरापाली के सुनील सोना पिता जयदेव को भालू द्वारा हमला किया गया । इसकी सूचना जैसे ही ग्राम पंचायत के सरपंच प्रभात पटेल को हुई उन्होंने अपने साथ सचिव मुक्तेश्वर मटारी , वनरक्षक राकेश पटेल व ग्रामीणों के साथ घटना स्थल पहुंचकर गंभीर रूप से घायल सुनील सोना को 112 वाहन में सरायपाली स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया । साथ ही वन अधिकारियों को पीड़ित सुनील सोना का प्रकरण बनाये जाने हेतु अनुरोध किया गया । भालू द्वारा पीड़ित सुनील सोना के पीठ पर गंभीर घाव किया गया है ।