राजनांदगांव, 13 जुलाई 2026। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने आज आदर्श कृषि उपज मंडी प्रांगण राजनांदगांव में 20 करोड़ 1 लाख 67 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम तथा सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे।
विकास कार्यों का लेखा-जोखा
कार्यक्रम में आदर्श कृषि उपज मंडी समिति राजनांदगांव की मंडी निधि से 2 करोड़ 39 लाख 17 हजार रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं राजनांदगांव विकासखंड की ग्राम पंचायतों में विभिन्न मदों से स्वीकृत 16 करोड़ 32 लाख 98 हजार रूपए की लागत के 181 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 9 ग्राम पंचायतों में 1 करोड़ 29 लाख 52 हजार रूपए की लागत से निर्मित 18 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
सरपंचों से सीधा संवाद और सहायता वितरण
कार्यक्रम के दौरान रमन सिंह एवं मंत्री रामविचार नेताम ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से 13 क्लस्टर की 51 ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संवाद कर विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान धान की जगह अन्य फसल लेने वाले किसानों को अरहर और सोयाबीन बीज का वितरण किया गया। साथ ही अंत्योदय स्वरोजगार योजना के तहत मिनीमाता महिला स्वसहायता समूह पेण्ड्री को व्यवसाय संचालन के लिए 1 लाख 10 हजार रूपए का चेक सौंपा गया। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भी कोपेडीह ग्राम पंचायत से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
ग्रामीण विकास और गुणवत्ता पर रमन सिंह का जोर
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि मंडी निधि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना के विकास में अधिक से अधिक किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव मंडी में मॉल, सिनेमा, विश्राम गृह, बैंक, पोस्ट ऑफिस और धर्मकांटा जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा और सभी निर्माण कार्य टिकाऊ एवं मानक के अनुरूप होने चाहिए।
फसल विविधीकरण और 15 हजार रूपए सहायता राशि
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अत्यधिक धान उत्पादन के कारण भू-जल स्तर गिर रहा है और भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने किसानों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी अतिरिक्त आय वाली गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी।
वीबी-जीरामजी योजना और श्रमिकों को रोजगार
सांसद संतोष पाण्डेय ने बताया कि भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-जीरामजी (वीबी-जीरामजी) योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का काम मिलेगा और 300 रूपए की दर से भुगतान किया जाएगा। इस योजना के तहत ग्रामों में पौधरोपण और जल संरक्षण के कार्य किए जा सकेंगे, जिसका निर्णय ग्राम के सरपंच, पंच और ग्रामीण मिलकर ले सकेंगे। उन्होंने किसानों से ग्रीष्म काल में धान की खेती न करने की अपील की।
आत्मनिर्भर बनती ग्राम पंचायतें
जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव ने कहा कि ग्राम पंचायतों में इन विकास कार्यों से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर और समृद्ध बन रही हैं। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने दी।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधि
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, सौरभ कोठारी, राजेश श्यामकर, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन और अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय सहित बड़ी संख्या में किसान और नागरिक उपस्थित थे।