रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति तोड़फोड़ और हंगामा मामले में आरोपी अमित बघेल को आज फिर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अन्य प्रकरणों के लिए उन्हें 12 जनवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अमित बघेल की गिरफ्तारी अपराध क्रमांक 243/25, 338/25, 329/25 तथा 340/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के अंतर्गत हुई थी।
भिलाई, छिंदवाड़ा और बेंगलुरु में भी अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इन स्थानों से एफआईआर की प्रतियां प्राप्त होने के बाद कोर्ट की अनुमति से पुलिस ने इन मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी की थी। पिछले दिनों अग्रवाल समाज की ओर से छह बिंदुओं पर बघेल की जमानत याचिका खारिज करने की अपील की गई। आपत्तिकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल ने कोर्ट में कहा कि आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराधों को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ी गई थी। अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। हंगामे के बाद मूर्ति दोबारा स्थापित की गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया, जो मानसिक रूप से बीमार था और नशे में था।
प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल ने अग्रवाल समाज और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे देशभर में दोनों समाजों में आक्रोश फैला। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित कई जिलों और राज्यों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।