बैकुंठपुर, कोरिया। कोरिया जिले के बैकुंठपुर में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक वानर की मौत हो गई, जिसके बाद वन विभाग की कथित लापरवाही सामने आई है। मोहल्ले वालों द्वारा सुबह सूचना दिए जाने के बावजूद, विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके बाद गौ रक्षक वाहिनी के अनुराग दुबे (अनु) ने स्थानीय सफाई कर्मचारियों की मदद से मृत वानर का अंतिम संस्कार करवाया।
घटना वार्ड नंबर 10 के डबरी पारा में हुई। स्थानीय निवासियों ने सुबह करीब 9 बजे एक वानर को बिजली के तारों से करंट लगने के कारण मृत पाया। यह घटना तुरंत मोहल्ले में फैल गई और लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। हालांकि, दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, सुबह 11 बजे तक विभाग का कोई भी कर्मचारी मृत वानर को उठाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। जब यह जानकारी गौ रक्षक वाहिनी के अनुराग दुबे (अनु) को मिली, तो उन्होंने स्वयं पहल की। उन्होंने नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भाइयों के साथ मिलकर मौके पर पहुंचकर मृत वानर को वहां से उठाया। इसके बाद, अनुराग दुबे ने सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार मृत वानर का अंतिम संस्कार करवाया।
इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर सूचना मिलने के बावजूद, अधिकारियों और कर्मचारियों का निर्धारित समय पर न पहुंचना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। विशेषकर ऐसे मामलों में जहां वन्यजीवों की मृत्यु होती है, त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी जोखिमों से बचा जा सके और मृत प्राणी का सम्मानजनक अंतिम संस्कार हो सके।