नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य देव का राशि परिवर्तन जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालता है। इसी क्रम में 15 मार्च 2026 को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। पंचांग के अनुसार, यह गोचर 15 मार्च की देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर होगा और सूर्य 14 अप्रैल 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
गोचर के दौरान सूर्य और केतु का षडाष्टक योग बनना भी ज्योतिष में विशेष रूप से शुभ नहीं माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवधि में आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और करियर जैसे क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। विशेष रूप से मेष, सिंह, तुला और मीन राशि के जातकों को इस एक महीने के दौरान अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राशियों पर प्रभाव
मेष राशि: इस अवधि में मानसिक तनाव बढ़ने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं और खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। किसी भी बड़े निर्णय को लेने से पहले पूरी सावधानी बरतें।
सिंह राशि: आर्थिक मामलों में यह समय सतर्क रहने का है। निवेश में जल्दबाजी से बचें। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और अधिकारियों के साथ मतभेद होने की स्थिति बन सकती है। धैर्य बनाए रखना ही उत्तम होगा।
तुला राशि: कार्यस्थल पर काम का दबाव अधिक रहने वाला है, जिससे थकान महसूस हो सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत में संयम बरतें ताकि बेवजह के विवादों से बचा जा सके। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
मीन राशि: सूर्य का गोचर इसी राशि में हो रहा है, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। आत्मविश्वास में कमी और निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए स्पष्ट संवाद करें।
नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय
ज्योतिषविदों का मानना है कि इन कठिन समय के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। रोजाना सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। साथ ही रविवार के दिन गुड़ और गेहूं का दान करने से भी सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।