नारायणपुर, 2 मार्च 2026। जिले में खनन गतिविधियों और प्रशासनिक प्रतिबंधों के विरोध में ट्रक मालिकों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए ट्रक यूनियन ने नारायणपुर–अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा और बसें व अन्य वाहन जाम में फंसे रहे।

50 किमी की जगह 250 किमी का चक्कर
जानकारी के मुताबिक, जिले के खोड़गांव–अंजरेल क्षेत्र में बीएसपी की लौह अयस्क खदान संचालित है। यहां से निकला अयस्क ट्रकों के जरिए नारायणपुर से अंतागढ़ तक लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचाया जाता था।
ट्रक मालिकों का आरोप है कि सिंगल लेन मार्ग होने के कारण प्रशासन ने इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब ट्रकों को कोंडागांव होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे दूरी बढ़कर करीब 250 किलोमीटर हो गई है। इससे डीजल, समय और श्रम लागत कई गुना बढ़ गई है।
दिन में प्रतिबंध, रात में मजबूरी
प्रदर्शन कर रहे ट्रक संचालकों का कहना है कि नारायणपुर शहर से दिन के समय ट्रकों की आवाजाही पर रोक है और केवल रात में अनुमति दी जाती है। ऐसे में चालकों को दिनभर इंतजार करना पड़ता है और रात में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
वहीं नारायणपुर से कोंडागांव तक एनएच-130डी का निर्माण कार्य जारी है। अधूरी सड़क, उड़ती धूल और सीमित दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। धूल के गुबार में सड़क साफ दिखाई नहीं देने से कई बार लंबा जाम लग जाता है।
रोज सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही
बताया जा रहा है कि बीएसपी माइंस से जुड़े लगभग 250 ट्रक और निको कंपनी से जुड़े करीब 600 ट्रक प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं। इतने बड़े पैमाने पर भारी वाहनों की आवाजाही के चलते अव्यवस्था और जाम की समस्या आम हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि या तो प्रतिबंध हटाए जाएं या फिर सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।
DMF फंड को लेकर भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि खदान नारायणपुर जिले में संचालित होने के बावजूद DMF की राशि दूसरे जिले कांकेर को दी जा रही है। इससे नारायणपुर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि बीएसपी के गोद ग्रामों में अब भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यदि DMF की राशि नारायणपुर को मिले, तो क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा सकता है।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन और ट्रक यूनियन के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, ट्रक मालिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।