महिलाएं व बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं व पुरस्कार वितरण भी किया गया
दिलीप गुप्ता
सरायपाली के चकरदा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यालय परिवार द्वारा ‘शिशु नगरी’ कार्यक्रम एवं विद्यारंभ संस्कार का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कारों के बीजारोपण तथा अभिभावकों को विद्यालयी वातावरण से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीणजन एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और संस्कारों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज सेविका एवं विश्व हिंदू परिषद की जिला संयोजिका श्रीमती अनीता चौधरी रहीं। विशेष अतिथि के रूप में फिजियोथेरेपी चिकित्सक डॉ. नमिता साहू (विहिप प्रखंड संयोजिका), सू श्री हरिता पटेल एवं श्रीमती फागुनमति सिदार उपस्थित रहीं। मंच संचालन ललिता सिदार एवं विमला दास द्वारा किया गया ।

विद्यारंभ संस्कार के अंतर्गत छोटे-छोटे बच्चों को स्लेट और लेखनी प्रदान कर ‘ॐ’ एवं ‘स्वस्तिक’ बनवाकर विधिवत विद्यारंभ कराया गया। इस अवसर पर अभिभावकों के चेहरों पर विशेष प्रसन्नता दिखाई दी। यह संस्कार बच्चों में विद्या के प्रति रुचि, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों को स्थापित करने का एक प्रेरक प्रयास रहा। विद्यालय के आचार्यों ने बच्चों को स्नेहपूर्वक मार्गदर्शन देते हुए विद्या आरंभ का महत्व समझाया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए खेलकूद एवं पुरस्कार वितरण का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने विभिन्न खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेलकूद गतिविधियों ने बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा दिया। विजेता बच्चों को मंच से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया, जिससे उनका मनोबल और अधिक बढ़ा।
महिलाओं के लिए भी विविध मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रश्नोत्तरी, गुब्बारा फुलाना, कुर्सी दौड़, सुई-धागा दौड़ आदि प्रमुख रहीं। गुब्बारा फुलाने की प्रतियोगिता में सुशीला पटेल ने प्रथम तथा फागुनमोती द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सुई-धागा दौड़ में सरस्वती पटेल एवं मोहर बाई विजयी रहीं। कुर्सी दौड़ में लताबाई सिदार एवं निर्मला ने जीत हासिल की। इन प्रतियोगिताओं ने महिलाओं में आपसी सहभागिता और आनंद का वातावरण बनाया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया l

मुख्य अतिथि अनीता चौधरी तथा विशेष अतिथि डॉ. नमिता साहू ने मंच से अपने उद्बोधन में बच्चों के नैतिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सेवा भावना का संचार करें। वक्ताओं ने विद्यालय द्वारा किए जा रहे शैक्षिक एवं संस्कारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार को भविष्य में भी इसी प्रकार सार्थक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रेणुका साहू, तेजबाई पटेल, प्राचार्य धाकड़ सिंह सिदार तथा विद्यालय समिति के सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रसन्नता एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, खेल, सहभागिता और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास ही सच्ची शिक्षा है।