विभिन्न शारीरिक वी बौद्धिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
दिलीप गुप्ता
सरायपाली – अलेख महिमा आश्रम और दयानंद मठ चंबा हिमाचल प्रदेश की उपशाखा महर्षि दयानंद मठ छत्तीसगढ़ द्वारा सरायपाली के पहाड़ी तराई में बसे ग्राम कटंगपाली (बलौदा ) द्वारा संचालित स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरूकुल के तत्वावधान में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं विश्व कल्याण महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ऊँ के झंडे का ध्वजारोहण एवं कलश यात्रा के साथ किया गया।तत्पश्चात डॉ.आचार्य कमलनारायण आर्य जी यज्ञोपैथी चिकित्सा एवं वृष्टियज्ञ विशेषज्ञ रायपुर द्वारा विश्व कल्याण महायज्ञ सम्पन्न कराया गया।

वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में गुरूकुल के ब्रह्मचारियों द्वारा देशभक्ति एवं धार्मिक गीतों के संयोजन में साहसिक,हैरतंगेज शारीरिक प्रदर्शन के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।विशेष रूप से रिंग में जलती आग के बीच छलांग लगाना,मोटर सायकल में दो सवारी सवार होकर दोनों हथेली के ऊपर चलाना,गले से छड़ मोड़ना,अद्भुत आसन,व्यायाम, हैरतंगेज मीनारें बनाना,जैसे करतब देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।बच्चों के उत्साहवर्धन में जोरदार हुलहुलियों एवं तालियों की बौछार के बीच इनामों की झड़ी लग गई।इस अवसर पर दूर-सूदुर से आशीर्वाद देने हेतु अध्यक्ष दयानंद मठ चंबा हिमाचल प्रदेश से आचार्य महावीर सिंह ,सरस्वती देवी , कानपुर उत्तर प्रदेश से वैदिक विद्वान व संन्यासी स्वामीआत्मानंद सरस्वती ,हरियाणा से स्वामी देवानंद सरस्वती ,अमृतसर पंजाब से भजनोपदेशक मधुरम आर्य का आगमन हुआ था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैदिक विद्वान व संन्यासियों ने समग्र स्वर में कहा वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों के पतन अत्यधिक मानसिक तनाव और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण गुरुकुल शिक्षा की नितांत आवश्यकता है।यह पद्धति केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि योग,संस्कार,आत्मनिर्भरता और प्रकृति के सानिध्य में चरित्र निर्माण सिखाती है।उन्होंने पालकों एवं अभिभावकों से अधिक से अधिक संख्या में बच्चों को गुरुकुल शिक्षा से जोड़ने की अपील की।इस अवसर पर गुरुकुल के संस्थापक स्वामी रविन्द्र दास जी महाराज,संचालक ऋषि राजआर्य जी,अंचल के प्रसिद्ध कथावाचक पं.देवराज मिश्रा जी,निलाम्बर कश्यप,रोहिणी कश्यप सहित ब्रह्मचारियों के माता-पिता,आचार्य गण,एवं अंचल के समाजसेवी,धर्मानुरागी,प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।आगन्तुकों के लिए भोजन प्रसाद की उत्तम व्यवस्था की गई थी । कार्यक्रम का संचालन वंदेमातरम् सेवा संस्थान छ.ग.के उपाध्यक्ष जन्मजय नायक ने किया।