रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘होलिका दहन’ पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। शहर के चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक उत्सव का माहौल है। इस वर्ष राजधानी में 50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर होलिका जलाई जाएगी, जिसकी तैयारियां आयोजकों ने पूरी कर ली हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में होलिका दहन को लेकर अलग-अलग आकर्षण तैयार किए गए हैं। इस बार सबसे अधिक चर्चा कालीबाड़ी चौक की हो रही है, जहां समिति ने नवाचार करते हुए होलिका दहन के साथ फिल्म ‘मुंज्या’ की थीम पर एक विशेष प्रस्तुति तैयार की है। इसे देखने के लिए शहरवासियों में काफी उत्सुकता बनी हुई है। आधुनिकता और परंपरा के इस संगम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।
राजधानी के बाजारों में भी रौनक अपने चरम पर है। व्यापारियों के अनुसार, इस साल रायपुर में 20 से अधिक बड़ी होलिका प्रतिमाओं की बिक्री हुई है, जिन्हें विभिन्न कॉलोनियों और चौक-चौराहों पर स्थापित किया गया है। शास्त्री बाजार, गोल बाजार और पंडरी जैसे व्यापारिक क्षेत्रों में सुबह से ही रंग-गुलाल, फैंसी पिचकारी और मुखौटों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। विशेषकर बच्चों में कार्टून किरदारों वाली पिचकारियों का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।
मिठाई दुकानों पर भी गुजिया और अन्य पारंपरिक व्यंजनों की मांग बढ़ गई है। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दहन के समय बिजली के तारों और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आज शाम शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद होलिका प्रज्वलित की जाएगी, जिसके बाद कल यानी मंगलवार को रंगों का त्यौहार धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।