दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंत्रालय और एनटीपीसी (NTPC) में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पदमनाभपुर थाना पुलिस ने इस ठगी के मास्टरमाइंड पति-पत्नी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपियों ने एक बेरोजगार इंजीनियर को अपना निशाना बनाते हुए उससे 10 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
मंत्रालय से शुरू हुआ झांसा, NTPC के फर्जी लेटर पर खत्म
पुलिस के अनुसार, ठगी का शिकार हुए उतई निवासी रविकांत साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि न्यू आदर्श नगर के रहने वाले प्रशांत कुमार देशमुख और उसकी पत्नी प्रिया देशमुख ने उसे सरकारी नौकरी का लालच दिया था। शुरुआत में आरोपियों ने उसे मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति दिलाने का वादा किया और इसके बदले किस्तों में 10 लाख रुपये ले लिए।
काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली, तो रविकांत ने अपने पैसे वापस मांगे। खुद को फंसता देख ठग दंपत्ति ने नया पैंतरा चला और उसे एनटीपीसी में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) बनवाने का भरोसा दिया।
भरोसा जीतने के लिए भेजा फर्जी ईमेल
पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया। उन्होंने रविकांत को ईमेल के जरिए एनटीपीसी का एक फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) भेजा। जब पीड़ित उस पत्र को लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा, तब उसे अहसास हुआ कि उसके साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पदमनाभपुर पुलिस ने जालसाजी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। इस बीच आरोपी अपना ठिकाना बदलकर फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर शनिवार को प्रिया देशमुख को धर दबोचा, वहीं उसके पति प्रशांत को रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए हैं।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस दंपत्ति ने और कितने युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।