उदयपुर (सरगुजा): आगामी होली और रंगपंचमी के त्योहार को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से उदयपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। एसडीओपी (SDOP) और थाना प्रभारी शिशिर कांत सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिकों, पत्रकारों, व्यवसायियों और सरपंचों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा 4 मार्च को होलिका दहन और 8 मार्च को रंगपंचमी के दौरान सुरक्षा व कानून-व्यवस्था को पुख्ता बनाना रहा।
नियमों का कड़ाई से होगा पालन
बैठक में शासन द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों (वर्ष 2022 और 2024 के आदेशों) के तहत सख्ती से कार्यवाही करने पर सहमति बनी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कदम उठाए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी और मोबाइल चेक पोस्ट के माध्यम से आने-जाने वालों की जांच की जाएगी।
सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश
त्योहार के दौरान जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष निर्देश दिए:
प्रतिबंध: हानिकारक रंगों, केमिकल युक्त पिचकारियों और चेहरे को छिपाने वाले मुखौटों की बिक्री व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यातायात और सुरक्षा: दोपहिया वाहनों पर ओवरलोडिंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने और हथियारों के प्रदर्शन पर कड़ी रोक रहेगी।
महिला सुरक्षा: हुड़दंग वाले क्षेत्रों में पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग टीम तैनात रहेगी ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।
निगरानी: आसूचना तंत्र (इंटेलिजेंस) को सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना समय रहते मिल सके।
भाईचारे की अपील
अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे रंगों के इस त्योहार को आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं। इस दौरान अस्पताल, दवाई, दूध और सब्जी जैसी आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।