तंजरा गांव में सदियों पुरानी परंपरा, तय तिथि से तीन दिन पहले ही मनाया जाता हैं होली का पर्व

राजेश राज गुप्ता।

कोरिया, सोनहत। जहाँ देशभर में इस वर्ष होली का पर्व 3 और 4 मार्च को उल्लास के साथ मनाया जाएगा, वहीं छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम पंचायत तंजरा में ग्रामीणों ने अपनी सदियों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए यह रंगों का त्योहार तीन दिन पहले ही हर्षोल्लास के साथ मना लिया। गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई रंगों में सराबोर नजर आया और पूरे गांव में भक्ति और आनंद का माहौल छाया रहा।

तंजरा गांव की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसके पीछे ग्रामीणों की अटूट आस्था और एक गहरा विश्वास जुड़ा है। उनका मानना है कि यदि कैलेंडर में निर्धारित तिथि पर होली मनाई जाती है, तो गांव पर किसी न किसी प्रकार की विपदा आ जाती है। इसी दृढ़ विश्वास के चलते, ग्रामीण हर वर्ष होली पर्व को तय तिथि से पूर्व ही मना लेते हैं।

ग्रामीणों ने इस परंपरा के पीछे के अनुभव को भी साझा किया। वे बताते हैं कि करीब आठ वर्ष पूर्व, गांव के कुछ युवाओं ने कैलेंडर के अनुसार होली मनाने की चर्चा की थी और इस विचार पर गंभीरता से विचार किया जा रहा था। दुर्भाग्यवश, उसी दौरान गांव में दो लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना ने ग्रामीणों के विश्वास को और पुख्ता कर दिया, और तब से उन्होंने फिर से अपनी पुरानी परंपरा को ही अपनाने का निर्णय लिया। होली के दिन तंजरा गांव में मांदर की थाप पर पारंपरिक फगुवा गीत गूंजते रहे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी एक साथ नाचते-झूमते नजर आए। पारंपरिक धुनों के साथ-साथ, डीजे की धुन पर भी जमकर नृत्य हुआ और पूरे गांव में रंग, उमंग और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और गुलाल व रंगों से सराबोर करते रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *