रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए राज्य सरकार के सुशासन, विकास और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार कर रही है और पारदर्शी शासन के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि भारतीय वन संरक्षण देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और 31 मार्च तक प्रदेश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बस्तर में अब स्कूलों और अस्पतालों के माध्यम से विकास की नई धारा बह रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में काटे गए पेड़ों के बदले 30 लाख से अधिक नए पौधे लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्यौरा देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 महीनों में 5 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया जा रहा है और अंतर की राशि होली से पहले प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और इसे व्यवस्थित करने के लिए नया अधिनियम लाया जाएगा।
रेलवे और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में 51 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में काम कर रही है, जिसके लिए प्रधानमंत्री सौर घर योजना के तहत सब्सिडी दी जा रही है। अंत में उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।