रायपुर, 25 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर गंभीर चर्चा हुई। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। पहली बार पिट-एनडीपीएस के तहत 145 आदतन आरोपियों पर कार्रवाई की गई है।

यह ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विधायकों अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक द्वारा लाया गया था।
वित्तीय जांच के साथ कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आरोपियों, उनके सहयोगियों और सप्लायरों के खिलाफ वित्तीय जांच भी की जा रही है। पिट-एनडीपीएस प्रावधानों को सक्रिय कर आरोपियों की अवैध कमाई की संपत्तियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
वर्ष 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई। वहीं 2024 से 31 जनवरी 2026 तक 145 आदतन आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
चार महीनों में 399 मामले दर्ज
पिछले चार माह में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के 399 प्रकरण दर्ज कर 679 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान बड़ी मात्रा में गांजा, ब्राउन शुगर, अफीम, हेरोइन, कोकीन, एमडीएमए, डोडा और नशीली दवाइयां जब्त की गईं।
आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2025 में 1288 प्रकरणों में 2342 आरोपी गिरफ्तार
- 16,999.7 किलोग्राम गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त
- वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक 146 प्रकरणों में 257 आरोपी गिरफ्तार
नशा सेवन सामग्री पर भी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर और दुर्ग में गोगो, स्मोकिंग कोन और रोलिंग पेपर जैसी नशा सेवन सामग्री की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। 18 व्यक्तियों पर बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जिलों में बड़ी कार्रवाइयां
- रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में 27.894 किलोग्राम गांजा जब्त कर आरोपी की 98.46 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई।
- रायगढ़ में ओडिशा से तस्करी करते दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पेंटाजोसीन इंजेक्शन और नाइट्राजेपम टैबलेट जब्त की गईं।
- बिलासपुर में पिछले दो वर्षों में 181 प्रकरणों में 306 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई
11 फरवरी 2026 को टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक आरक्षक से हेरोइन (चिट्टा) बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी।
‘मानस’ पोर्टल की सदन में जांच
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मादक पदार्थों की शिकायत के लिए ‘मानस’ टोल फ्री नंबर 1933 शुरू किया गया है। सदन में इसकी कार्यशीलता की जांच भी कराई गई।
उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए अजय चंद्राकर सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया और कहा कि सरकार नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का दावा है कि सख्त कार्रवाई से प्रदेश में नशे की सप्लाई और डिमांड नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिल रही है।