खंडवा की धरमपुरी गौशाला में गायों की मौत पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर धरमपुरी स्थित नंद मोहन समिति गौशाला में बड़ी संख्या में गायों के शव और कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है। सरकारी अनुदान से संचालित इस गौशाला में पिछले एक महीने से लगातार गायों की मौत होने की बात सामने आई है। आरोप है कि मृत गायों को दफनाने के बजाय पास ही वन विभाग की जमीन पर खुले में फेंका जा रहा था।

मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। औचक निरीक्षण के दौरान गौशाला में कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच में पता चला कि गौशाला का फर्श टूटा हुआ था और पानी की टंकी लीक हो रही थी। इसके अलावा, गायों के चरने के लिए निर्धारित भूमि पर चारे के बजाय गेहूं की फसल उगाई गई थी।

कलेक्टर ने इन अव्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जताते हुए संबंधित इंजीनियरों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गौशाला के संचालकों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को प्रबंधन सुधारने की सख्त हिदायत दी है।

गौशाला समिति के सदस्यों का कहना है कि आसपास के ग्रामीण अपने मृत पशुओं को यहां छोड़ जाते हैं, हालांकि ग्रामीणों ने इन आरोपों को गलत बताया है। पशु चिकित्सा विभाग के उप-संचालक हेमंत शाह ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *