झंडीडोंगरी पहाड़ी पर मिला ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव, तीन दिन से था लापता

कांकेर। जिले के उप तहसील कोरर अंतर्गत ग्राम कुर्री स्थित झंडीडोंगरी पहाड़ी में एक अधेड़ व्यक्ति का शव अर्धगले और क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। तीन दिनों से लापता ग्रामीण के सिर, हाथ और पैर अलग-अलग स्थानों पर मिलने से यह मामला सामान्य नहीं बल्कि गंभीर और रहस्यमय बन गया है। मृतक की पहचान कोर्रामपारा निवासी दयालु राम पारधी के रूप में की गई है।

तीन दिन पहले निकला, घर नहीं लौटा

प्राप्त जानकारी के अनुसार दयालु राम पारधी 2 फरवरी की शाम करीब पांच बजे अपने दामाद बिसाहू राम पारधी के घर से अपने गांव कोर्रामपारा, भानुप्रतापपुर जाने के लिए निकला था। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पहले आसपास पूछताछ की, फिर खोजबीन शुरू की। जब अगले दो दिनों तक भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता और आशंका बढ़ती चली गई।

पहाड़ी में कपड़े दिखे, अनहोनी की आशंका हुई

तीसरे दिन मृतक के दामाद बिसाहू राम पारधी झंडीडोंगरी पहाड़ी क्षेत्र की ओर गया, जहां उसे कुछ कपड़े पड़े दिखाई दिए। कपड़ों को देखकर उसे अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों की मदद से आसपास गहन खोजबीन की गई, तो पहाड़ी क्षेत्र में मृतक का सिर और कुछ दूरी पर हाथ-पैर के हिस्से भी बरामद हुए। शव की हालत देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए।

सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। शव के अवशेषों को सुरक्षित कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके की स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की गई। पहाड़ी और जंगल का इलाका होने के कारण जांच में कई तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियां सामने आ रही हैं।

जंगली जानवर के निशान नहीं, बढ़ा रहस्य

कांकेर वनमंडलाधिकारी रौनक गोयल ने बताया कि झंडीडोंगरी पहाड़ी क्षेत्र से क्षत-विक्षत अवस्था में शव बरामद हुआ है, लेकिन मौके से किसी जंगली जानवर के पंजों के निशान या स्पष्ट सुराग नहीं मिले हैं। आमतौर पर वन्यजीव हमले की स्थिति में विशिष्ट निशान पाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है। इससे मौत के कारण को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

दुर्घटना, वन्य हमला या आपराधिक साजिश?

शव की स्थिति और शरीर के अंगों के अलग-अलग स्थानों पर मिलने से यह मामला केवल दुर्घटना या जंगली जानवर के हमले तक सीमित नहीं लग रहा। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर हत्या की आशंका भी जता रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं—दुर्घटना, वन्यजीव हमला और आपराधिक कृत्य—को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

इलाके में दहशत, ग्रामीणों में डर का माहौल

इस घटना के बाद से ग्राम कुर्री, कोर्रामपारा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह जंगली जानवर का मामला है, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और यदि आपराधिक घटना है, तो दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। लोगों में अपने घरों से बाहर निकलने को लेकर भी डर बना हुआ है।

जांच के बाद ही होगा खुलासा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

झंडीडोंगरी पहाड़ी में मिला यह शव अब केवल एक मौत नहीं, बल्कि कई सवालों और आशंकाओं को जन्म दे चुका है, जिनके जवाब आने वाले दिनों में जांच के साथ सामने आएंगे।

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