एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री के नाम के जिक्र को विदेश मंत्रालय ने नकारा, ट्रंप और मस्क की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली। एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे का जिक्र होने की खबरों पर भारत के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और बकवास बताते हुए खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का वर्ष 2017 का इजराइल दौरा एक आधिकारिक कूटनीतिक यात्रा थी और उसे किसी भी रूप में इन फाइल्स से जोड़ना गलत है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

दूसरी ओर, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई एपस्टीन फाइल्स की नई खेप ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करीब 30 लाख पन्नों के इन दस्तावेजों में 2,000 से अधिक वीडियो और एक लाख 80 हजार तस्वीरें शामिल हैं। इन फाइल्स में कोर्ट रिकॉर्ड और फ्लाइट लॉग के माध्यम से कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम उजागर हुए हैं। दस्तावेजों में दर्ज गवाहों के बयानों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप अक्सर एपस्टीन के पाम बीच स्थित घर और निजी क्लब में देखे जाते थे। फाइल्स में उनके खिलाफ लगे पुराने यौन उत्पीड़न के आरोपों और एपस्टीन के साथ उनके दोस्ताना संबंधों का भी विवरण दिया गया है।

दस्तावेजों में केवल ट्रंप ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य दिग्गज नामों का भी जिक्र है। इनमें एलन मस्क, बिल गेट्स और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। फाइल्स में दावा किया गया है कि एपस्टीन ने एलन मस्क को कई बार अपने निजी द्वीप पर आने का न्योता दिया था, जिसके ईमेल एक्सचेंज की जानकारी भी सार्वजनिक हुई है। वहीं बिल गेट्स को लेकर भी कुछ चौंकाने वाले दावे किए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी ये दस्तावेज अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं। जांच रिपोर्ट और फ्लाइट लॉग के आधार पर कई बड़े नामों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। इन खुलासों के बाद अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में प्रभावशाली लोगों के निजी जीवन और उनके एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *