छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने अपने विभाग के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों को उनका हक देने में बाधा डाली, जबकि मौजूदा सरकार ने उन अधिकारों को जमीन पर उतारने का काम किया है।

नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत के दौरान विजय शर्मा ने कहा कि “मोर आवास, मोर अधिकार” केवल एक चुनावी नारा नहीं था, बल्कि यह जनआंदोलन बन गया था, जो अब ठोस परिणामों में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले जिस मुद्दे को संघर्ष के रूप में उठाया गया था, आज वही आंदोलन उपलब्धि का उदाहरण बन गया है।
पिछली सरकार पर आवास रोके जाने का आरोप
डिप्टी सीएम ने बताया कि वर्षों तक लाखों गरीब परिवारों को आवास नहीं मिल सका। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2011 की प्रतीक्षा सूची के 6,99,438 आवास, 2015 की आवास प्लस सूची के 8,19,999 आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के 47,090 आवासों को स्वीकृति नहीं दी गई थी। इसके अलावा 2016 से 2023 के बीच 2,46,215 आवास ऐसे थे, जिन्हें पहली किस्त देने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्ववर्ती सरकार को गरीबों के आवास से आखिर क्या आपत्ति थी।
सभी लंबित सूचियों को मिली स्वीकृति
विजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 2011 की सर्वे सूची और 2015 की आवास प्लस सूची को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, क्योंकि इन सूचियों में शामिल सभी आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इससे वर्षों से इंतजार कर रहे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

आवास निर्माण में देश में अग्रणी छत्तीसगढ़
ग्रामीण विकास मंत्री ने दावा किया कि इस समय पूरे देश में छत्तीसगढ़ सबसे अधिक आवास निर्माण करने वाला राज्य बन गया है और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से भी आगे है। उन्होंने बताया कि आवास योजना में कई नवाचार किए गए हैं। महिला स्व-सहायता समूहों को बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई से जोड़ा गया, जिसमें 8 हजार से अधिक डीलर दीदीयों ने भाग लिया। साथ ही हजारों लोगों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
नीयद नेल्लानार योजना के तहत 84 शिविर आयोजित किए गए, जिनके आसपास के 494 गांवों में विकास कार्य किए गए।
गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के संकेत
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि आवास योजनाओं में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो ACB और EOW से जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
18 लाख से अधिक आवासों को मिली मंजूरी
विजय शर्मा ने बताया कि 2011 और 2015 की सूचियों, मुख्यमंत्री आवास योजना और 2016 से 2023 तक के सभी लंबित मामलों को मिलाकर कुल 18,12,742 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। स्वीकृति के बाद इन सभी आवासों पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है और तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।