कोरबा जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मरीज के भोजन में बाल और लकड़ी का तिनका मिलने से हड़कंप मच गया। खाना खाते समय लकड़ी का टुकड़ा मरीज के गले में फंस गया, जिसे परिजनों ने मशक्कत से बाहर निकाला। इस गंभीर लापरवाही पर संयुक्त संचालक ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार यह घटना 42 वर्षीय राम प्रसाद धीवर (निवासी बालको परसाभांठा) के साथ हुई। राम प्रसाद पिछले तीन साल से टीबी से पीड़ित हैं और उनका इलाज जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। तीन महीने पहले उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के टीबी कक्ष में भर्ती कराया गया था।
राम प्रसाद की पत्नी ने बताया कि शनिवार दोपहर अस्पताल कर्मचारी ने उन्हें खाना दिया। खाना खाते समय राम प्रसाद का गला अचानक अटक गया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजनों ने तुरंत खाना बाहर निकाला, जिसमें लंबे बाल और लकड़ी का तिनका मिला।
परिजनों ने इसकी जानकारी तत्काल ड्यूटी पर मौजूद नर्स और अन्य स्टाफ को दी। उन्होंने हंगामा करते हुए कहा कि अगर समय रहते बाल और तिनका नहीं निकाला जाता तो राम प्रसाद की हालत और बिगड़ सकती थी।
परिजनों की शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। संयुक्त संचालक ने जांच के आदेश दिए हैं और भोजन आपूर्ति की गुणवत्ता पर सख्ती बरतने का आश्वासन दिया है।