कांकेर। बस्तर संभाग के प्रवेश द्वार कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर तहसील में आदिवासियों ने ग्राम भैंसाकन्हार स्थित गोदावरी इस्पात संयंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आदिवासी समाज ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वन मंत्री को ज्ञापन भेजकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और वन विभाग पर संयंत्र को संरक्षण देकर अनियमितताएं कराने का आरोप लगाया है।


आदिवासियों का कहना है कि इस पूरे मामले में उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उन्होंने उच्च न्यायालय बिलासपुर में भी याचिका दायर की है। साथ ही शासन को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर संरक्षण और न्याय नहीं दिया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
आदिवासी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि चाहे कांग्रेस हो या भारतीय जनता पार्टी, दोनों दलों के कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधि गोदावरी इस्पात संयंत्र के मालिक के पक्ष में दलाली कर रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों के नाम पर 16 और 20 चक्का वाहनों को खरीदकर ट्रांसपोर्टिंग में लगाया गया है और इसके जरिए उद्योगपति को संरक्षण दिया जा रहा है।

आदिवासियों ने कहा कि इस स्थिति में वे लगातार उपेक्षा और शोषण का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले को गंभीरता से लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अनदेखी किए जाने पर इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।