स्वास्थ्य विभाग का हाई वोल्टेज ड्रामा: महिला डॉक्टर ने CMHO पर लगाए गंभीर आरोप, बोलीं- ‘साहब मेरी जासूसी करवाते हैं’

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग के भीतर मचे घमासान ने अब एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यहां की एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. वी.के. वर्मा पर मानसिक प्रताड़ना और जासूसी जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. नेहा का कहना है कि अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं और उनके साथ गलत नियत रखते हैं।

निरीक्षण के बहाने नोटिस और वेतन कटौती का विवाद

विवाद की शुरुआत तब हुई जब CMHO डॉ. वी.के. वर्मा ने पराशरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण किया। वहां डॉ. नेहा अनुपस्थित मिलीं, जिसके बाद अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन काटने के निर्देश दिए। हालांकि, डॉ. नेहा का दावा कुछ और ही है। उन्होंने सबूत पेश करते हुए कहा कि निरीक्षण के समय उनकी ड्यूटी नियम अनुसार ग्राम बीकर में लगी थी, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें जबरन अनुपस्थित दिखाकर परेशान किया जा रहा है।

“तुम्हें देखकर दिमाग खराब हो जाता है…”

महिला डॉक्टर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि CMHO अक्सर अन्य डॉक्टरों को फोन करके उनकी लोकेशन पूछते हैं और जासूसी करवाते हैं। डॉ. नेहा के मुताबिक, अधिकारी ने उनसे यहां तक कह दिया कि “तुम्हें देखकर मेरा दिमाग खराब हो जाता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन निकलवाने के बदले उनसे पैसों की डिमांड भी की जा रही है और उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।

CMHO की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

यह पहली बार नहीं है जब डॉ. वी.के. वर्मा विवादों में आए हों। हाल ही में उनका एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे किसी फर्म के साथ पैसों के लेन-देन की बात कर रहे थे। अब एक महिला डॉक्टर द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने विभाग की छवि पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। डॉ. नेहा ने साफ कहा है कि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और उन्हें न्याय चाहिए।

प्रशासनिक खेमे में हलचल

स्वास्थ्य विभाग के दो बड़े पदों पर बैठे लोगों के बीच इस खींचतान से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। डॉ. नेहा का कहना है कि वे ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन अधिकारी की ‘गलत नियत’ और व्यवहार के कारण वे काम करने में असुरक्षित महसूस कर रही हैं। फिलहाल इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुँच गई है और जांच की मांग की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *