कोरिया,सोनहत। जिले के देवगढ़ वन रेंज में अवैध वन कटाई का ‘तांडव’ लगातार जारी है। बेशकीमती लकड़ियों की धड़ल्ले से कटाई ने वन संपदा को गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। यह सिलसिला अब हर दिन की बात हो गई है, जिससे क्षेत्र के घने जंगल तेजी से सिकुड़ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवगढ़ रेंज के विभिन्न इलाकों में इन दिनों लकड़ी काटने का आतंक चरम पर है। रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिनदहाड़े भी कुल्हाड़ियों और आरी की आवाजें सुनी जा सकती हैं। वन माफिया बेखौफ होकर सागौन, साल जैसी बेशकीमती लकड़ियों को काटकर ले जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कभी हरे-भरे दिखने वाले जंगल अब खोखले होते जा रहे हैं।
अवैध कटाई के इस तांडव के पीछे वन विभाग की लचर कार्यप्रणाली और खासकर रेंजर की अनुपस्थिति तथा निगरानी के अभाव को मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय उदासीनता का फायदा उठाकर तस्कर खुलेआम अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।

अगर समय रहते इस अवैध कटाई पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में सोनहत के घने जंगल सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी। यह न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा है, बल्कि वन्यजीवों के आवास पर भी बुरा असर डाल रहा है।

जब इस संबंध में रेंजर से संपर्क कर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि अवैध कटाई के खिलाफ (कुल्हाड़ी जब्त करना) और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा हूं। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि अब तक कितने अतिक्रमण हटाए गए हैं और कितनी तंगियां जब्त की गई हैं, तो रेंजर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। उन्होंने कार्रवाई संबंधी कोई ठोस आंकड़े या विवरण प्रस्तुत नहीं किया।