सरगुजा जिले में ग्राम पंचायतों में फंड की गंभीर कमी, विकास कार्य ठप्प।
हिंगोरा सिंह (सरगुजा) : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत उदयपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, नाली और अन्य आवश्यक विकास कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं। इसका मुख्य कारण राज्य शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को निर्धारित फंड (मूलभूत अनुदान, 15वें वित्त आयोग की राशि, टाइड-अनटाइड फंड आदि) समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाना है।
( समस्या की गहराई )
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025-26 के बाद सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों के चुने जाने के कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन पंचायतों के खाते में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं पहुंची है। परिणामस्वरूप:
- पहले से कराए गए छोटे-मोटे विकास कार्यों (जैसे गलियों की मरम्मत, पानी की व्यवस्था, सफाई आदि) का भुगतान लंबित है।
- ठेकेदारों और मजदूरों को पेमेंट न मिलने से नए कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
- ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं जैसे साफ पानी, बेहतर सड़कें, प्रकाश व्यवस्था आदि का अभाव झेलना पड़ रहा है। ( सरपंचों-सचिवों की संघर्ष यात्रा )
इस समस्या से तंग आकर ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव और अन्य प्रतिनिधि कई बार आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर:
- कई बार जिला कलेक्टर और जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपे हैं।
- प्रदर्शन, धरना और विरोध जताया है।
- शासन-प्रशासन से तत्काल फंड जारी करने की मांग की है।
इन सभी प्रयासों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई या फंड जारी नहीं किया गया है। इससे सरपंच और पंचायत कर्मचारी काफी चिंतित और निराश हैं। वे मानते हैं कि लगातार फंड की कमी से उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीण उनके पास विकास की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन उनके हाथ बंधे हुए हैं।

(छत्तीसगढ़ में व्यापक समस्या)
सरगुजा की यह समस्या केवल उदयपुर जनपद तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों जैसे कोरबा, बिलासपुर, महासमुंद, धमतरी आदि में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं, जहां सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है या धरना-प्रदर्शन किए हैं। कई जगहों पर सरपंच संघ सक्रिय होकर शासन पर दबाव बना रहे हैं।
( क्या है आगे का रास्ता )
ग्रामीण विकास के लिए पंचायतों को समय पर फंड मिलना अनिवार्य है। यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और भी धीमी हो सकती है। स्थानीय प्रतिनिधि उम्मीद कर रहे हैं कि राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी और लंबित फंड जारी करेगी, ताकि गांवों में विकास कार्य फिर से शुरू हो सकें।
यह स्थिति सरगुजा के ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द संज्ञान लें और इस लंबित समस्या का समाधान तत्काल हो ।