विश्व पुस्तक मेला 2026 : वनिका पब्लिकेशंस के स्टॉल पर पुस्तकों का भव्य विमोचन

नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेला 2026 के अवसर पर भारत मंडपम, नई दिल्ली स्थित वनिका पब्लिकेशंस के स्टॉल नंबर P-49 पर साहित्यिक गतिविधियों के तहत अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन संपन्न हुआ। यह आयोजन देश के प्रतिष्ठित विद्वानों, साहित्यकारों और लेखकों के करकमलों से सम्पन्न हुआ।

विमोचन कार्यक्रम में श्री भालचंद्र जोशी, राकेश बिहारी, डॉ. सुनीता, हरियश राय, सुभाष चंदर, कमलेश पाण्डेय, डॉ. अंकित शर्मा, श्रीविलास सिंह, मनीषा कुलश्रेष्ठ, बलराम अग्रवाल, विकल, जयन्ती रंगनाथन, नीलिमा शर्मा, विनय पवार, नासिरा शर्मा, डॉ. नीरज शर्मा, सुभाष शर्मा, अंजू शर्मा सहित अनेक साहित्यकार और विद्वजन उपस्थित रहे।

नई योजना के अंतर्गत शृंखला में प्रतिनव कहानी संग्रह के अंतर्गत ‘प्रेमचंद की कहानियाँ’ और ‘गैब्रियल गार्सिया मार्खेज़ की कहानियाँ’ का विमोचन किया गया। प्रतिश्रव कविता शृंखला में ‘उर्वशी’ और ‘आँसू’ तथा प्रत्यागत नाटक शृंखला में ‘ध्रुवस्वामिनी’ और ‘जनमेजय का नागयज्ञ’ का लोकार्पण हुआ।

इसके अतिरिक्त अन्य पुस्तकों में डॉ. सुनीता की समीक्षात्मक कृति ‘कथा प्रकांतर’, डॉ. नीरज सुधांशु के संपादन में ‘बालमन- अपेक्षा, सोच, समझ और समाधान’ लघुकथा संकलन, बलराम अग्रवाल की ‘अभिनेय बाल नाटक एवं एकांकी’, किरण सिंह की कथेतर गद्य कृति ‘ऋषि’, उर्मिला शुक्ल का कविता संग्रह ‘रैंप पर चलती लड़कियाँ’, नीलिमा शर्मा निविया का लघुकथा संग्रह ‘पच्चीस साल बाद’, अब्दुल गफ्फार का कहानी संग्रह ‘अफ़सानानिगार’ और सुषमा मुनीन्द्र के संपादन में ‘खेलोगे कूदोगे, बनोगे नवाब’ का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में श्रीविलास सिंह की ‘कंट्रोल एस और अन्य कहानियाँ’, डॉ. शकुंतला कालरा की ‘हिंदी बालसाहित्य विविधा’, सविता मिश्रा के संपादन में ‘अदृश्य आँसू’ (पुरुष प्रताड़ना विषयक कहानियाँ), विजी श्रीवास्तव का व्यंग्य संग्रह ‘एजी! सुनते हो!’, डॉ. प्रणव भारती की संस्मरणात्मक कृति ‘इस छोर से उस छोर तक’ तथा सुजाता मिश्रा की ‘श्री हरि हिय’ (भगवद्गीता विषय विवेचनी) का भी विमोचन किया गया।

इस अवसर पर साहित्य प्रेमियों और पाठकों की अच्छी उपस्थिति रही और आयोजन को साहित्यिक जगत में विशेष सराहना मिली।

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