रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन परिसर से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर के भीतर बड़ी संख्या में पीपी किटें पैकेट में बंद हालत में ज़मीन पर बिखरी हुई दिखाई दे रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन पीपी किटों को नष्ट किए जाने अथवा जलाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि एक पीपी किट की अनुमानित कीमत करीब 1800 रुपये बताई जा रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में किटों का इस तरह खुलेआम पड़े होना लाखों रुपये के सरकारी संसाधनों की संभावित बर्बादी की ओर इशारा करता है। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि न तो इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और न ही इनके उचित निस्तारण की कोई प्रक्रिया अपनाई गई है।

यह पूरा मामला प्रशासनिक उदासीनता का है या फिर नियमों और दिशा-निर्देशों की खुली अनदेखी, इसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। सरकारी संसाधनों के संरक्षण और उपयोग को लेकर तय मानकों के बावजूद इस तरह की लापरवाही चिंताजनक मानी जा रही है।
फिलहाल इस मामले में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, पुलिस लाइन परिसर से आई तस्वीरें स्वयं ही हालात की गंभीरता और व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही हैं। मामले को लेकर अब उच्च स्तर पर जांच और जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठने लगी है।