भोपाल। राजधानी भोपाल के कुख्यात ईरानी डेरे में छिपकर अपराध को अंजाम देने वालों पर अब पुलिस का शिकंजा कसने जा रहा है। पुलिस ने डेरे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। इसके तहत न केवल सक्रिय अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि ईरानी डेरे के भीतर अलग-अलग संगठित गिरोह सक्रिय थे। ये गिरोह नकली सोना बेचकर ठगी, फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देना, नकली करेंसी का कारोबार, चोरी और लूट जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी ईरानी डेरे में आकर छिप जाते थे, जहां उन्हें सुरक्षित पनाह मिलती थी।
पुलिस अब उन लोगों को भी चिन्हित कर रही है, जो अपराधियों की मदद कर रहे थे। लूट का माल खरीदने वाले, अपराधियों को शरण देने वाले और नेटवर्क को संरक्षण देने वाले सभी लोग पुलिस के टारगेट पर हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ईरानी डेरे पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 150 पुलिस जवानों ने एक साथ छापामार कार्रवाई कर 10 महिलाओं समेत कुल 32 वांटेड आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान विदेशी करेंसी सहित बड़ी मात्रा में चोरी का सामान भी बरामद किया गया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में 22 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों में लूटपाट और ठगी की वारदातों को अंजाम देकर भोपाल के ईरानी डेरे में शरण लेते थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर उसे पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में है।