सीहोर। मध्य प्रदेश के पावन स्थल कुबेरेश्वर धाम आगामी 17 फरवरी 2026 को भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का महोत्सव मनाने जा रहा है। इस दिन धाम पर आयोजित ‘रुद्राक्ष महोत्सव’ में सनातन धर्म के प्रखर प्रवर्तक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक ही मंच पर उपस्थित होंगे। यह मिलन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा बल्कि सनातन संस्कृति की वैचारिक एकजुटता का भी प्रतीक होगा।


महोत्सव का आध्यात्मिक स्वरूप
विट्ठलेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में महादेव की भक्ति और शिव आराधना का विशेष महत्व होगा। समिति के अनुसार, लाखों श्रद्धालु पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में सामूहिक पूजन और अभिषेक में भाग लेंगे।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का गरिमामयी आगमन
समिति के प्रतिनिधि पंडित समीर शुक्ला ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट कर महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की। पंडित शास्त्री ने इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की पुष्टि की और भक्तों को आश्वस्त किया कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव होगा।


भव्य पंडाल और सुविधाएँ
महोत्सव की भव्यता को देखते हुए 1,80,000 वर्ग फीट में विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 10 एकड़ क्षेत्र में भोजन शाला और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिल सके।
शिव महापुराण एवं सत्संग सत्र
महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। मंदिर परिसर में लाखों रुद्राक्ष से भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसका नियमित रूप से अभिषेक किया जाएगा।


श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध
समिति ने कहा कि महोत्सव में रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि सभी श्रद्धालु सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभ उठा सकें।
विट्ठलेश सेवा समिति सभी धर्मप्रेमी जनता से इस ऐतिहासिक और भक्तिमय अवसर पर कुबेरेश्वर धाम पधारने की सादर अपील कर रही है।