नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल आयात को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद भारत में सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। खड़गे ने ट्रंप के उन दावों पर सवाल उठाए हैं जिसमें ट्रंप ने कहा था कि मोदी उन्हें “खुश” करने के लिए अमेरिका की हर बात मान रहे हैं। खड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की यह स्थिति उन्हें फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के विलेन ‘मोगैम्बो’ की याद दिलाती है।
ट्रंप के नियंत्रण में हैं पीएम मोदी?
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी विदेशी दबाव के सामने झुक रहे हैं। उन्होंने कहा, “ट्रंप दावा कर रहे हैं कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के डर से मोदी उन्हें खुश करना चाहते थे। मुझे समझ नहीं आता कि मोदी उनके सामने क्यों झुक रहे हैं? यह देश के सम्मान के लिए ठीक नहीं है। देश ने आपको सिर हिलाने के लिए प्रधानमंत्री नहीं चुना है।”
‘मोगैम्बो खुश हुआ’ और विस्तारवादी सोच पर प्रहार
खड़गे ने फिल्मी अंदाज में निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप के बयानों से ऐसा लगता है जैसे वे राजदूतों से बात करने के बाद कह रहे हों— ‘मोगैम्बो खुश हुआ’। इसके साथ ही खड़गे ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और ट्रंप की ‘विस्तारवादी’ सोच की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि हिटलर और मुसोलिनी जैसे तानाशाह भी नहीं टिके, तो दुनिया को डराने-धमकाने वाले लोग भी ज्यादा दिन नहीं चलेंगे।
कांग्रेस ने दागे तीन तीखे सवाल
इस विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से तीन मुख्य सवाल पूछे हैं:
क्या भारत की विदेश नीति अब स्वतंत्र न रहकर अमेरिका द्वारा निर्देशित हो रही है?
क्या रूस से तेल आयात घटाने का फैसला केवल ट्रंप को खुश करने के लिए लिया गया?
ट्रंप द्वारा भारत को दी जा रही टैरिफ की धमकियों और दावों पर प्रधानमंत्री मोदी चुप क्यों हैं?
खड़गे ने अंत में नेहरूवादी नीति ‘जीओ और जीने दो’ का हवाला देते हुए कहा कि भारत को लोकतांत्रिक तरीकों से ही आगे बढ़ना चाहिए, न कि किसी महाशक्ति के दबाव में आकर अपने फैसले बदलने चाहिए।