PDS Rice Scam : सक्ती : सक्ती जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उचित मूल्य की दुकानों और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के लिए ‘गुणवत्ता विहीन और सड़ा हुआ चावल’ सप्लाई किए जाने का मामला गरमा गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के कलेक्टर कार्यालय प्रतिनिधि गिरधर जायसवाल ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और राइस मिलरों पर कार्रवाई की मांग की है।
PDS Rice Scam : जांच में सही पाई गई ग्रामीणों की शिकायत
विगत कई महीनों से हितग्राहियों द्वारा सड़ा चावल मिलने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर सक्ती अमृत विकास तोपनो ने खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई। जांच के दौरान ग्रामीणों और हितग्राहियों द्वारा की गई शिकायतें सही पाई गईं। गिरधर जायसवाल ने सवाल उठाया कि जब गुणवत्ता जांच के बाद ही चावल सप्लाई किया जाता है, तो किस अधिकारी ने और किसके दबाव में इस सड़े हुए चावल को ‘खाने योग्य’ होने का प्रमाण पत्र जारी किया?
मध्यान्ह भोजन में भी मिला दुर्गंधयुक्त चावल
एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार जागृति की टीम ने वार्ड क्रमांक 1 स्थित प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन के चावल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि वितरित चावल पाखंड युक्त, दुर्गंधयुक्त और पूरी तरह से खाने के अयोग्य था। स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी इस संबंध में पंचनामा तैयार कर कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी।
खाद्य विभाग की मिलीभगत का आरोप
विधायक प्रतिनिधि गिरधर जायसवाल ने सीधे तौर पर खाद्य विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी नाकामी छुपाने के लिए सड़े चावल को सही बता रहा था, लेकिन राजस्व विभाग (नायब तहसीलदार) की निष्पक्ष जांच ने इस सच को उजागर कर दिया है।
कार्रवाई की मांग
गिरधर जायसवाल ने कहा कि गरीब परिवारों के भोजन के अधिकार के साथ यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:
सड़ा चावल सप्लाई करने वाले राइस मिलरों को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।
गलत प्रमाण पत्र जारी करने वाले खाद्य विभाग के अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो।
आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।