CG PSC Scam CBI Charge Sheet : बारनवापारा के रिसॉर्ट में रची गई थी ‘अफसर’ बनाने की साजिश, CBI ने 400 पन्नों की चार्जशीट में खोले भ्रष्टाचार के राज

CG PSC Scam CBI Charge Sheet

CG PSC Scam CBI Charge Sheet : रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजी पीएससी (CG PSC) भर्ती घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। सीबीआई ने रायपुर की विशेष अदालत में 400 पन्नों का विस्तृत चालान (चार्जशीट) पेश किया है। इस चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि साल 2021 की पीएससी परीक्षा में रसूखदारों और चहेतों को डिप्टी कलेक्टर बनाने के लिए बारनवापारा के एक आलीशान रिसॉर्ट को गुप्त तरीके से ‘विशेष परीक्षा केंद्र’ बनाया गया था।

CG PSC Scam CBI Charge Sheet : रसूखदारों के लिए रिसॉर्ट में ‘विशेष इंतजाम’ सीबीआई की जांच के अनुसार, यह कोई सामान्य चूक नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी। पर्चा लीक करने के बाद चुनिंदा अभ्यर्थियों को अधिकारी बनाने के लिए बारनवापारा रिसॉर्ट का चयन किया गया। चार्जशीट में स्पष्ट उल्लेख है कि रायपुर के कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों के ठहरने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाएं संभाली थीं। यह संगठित भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का एक ऐसा उदाहरण है, जिसने हजारों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।

टॉमन सिंह सोनवानी समेत 13 नामजद आरोपी
सीबीआई ने इस घोटाले में पूर्व पीएससी अध्यक्ष टॉमन सिंह सोनवानी सहित कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। वर्तमान में 12 आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं, जबकि कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर को फरार घोषित किया गया है। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने 29 अभ्यर्थियों को सरकारी गवाह बनाया है, जिनकी गवाही कोर्ट में इस मामले को और मजबूत करेगी।

इन प्रमुख नामों पर गिरी गाज: सीबीआई की फाइनल चार्जशीट में टॉमन सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, उनके पुत्र सुमित ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, और सोनवानी के रिश्तेदार नितेश व साहिल सोनवानी सहित कई रसूखदारों के नाम शामिल हैं।

रिश्तेदारों की ‘लॉटरी’: एक ही परिवार के 5 सदस्य बने बड़े अफसर
2021 में कुल 171 पदों के लिए निकाली गई भर्ती प्रक्रिया के दौरान भाई-भतीजावाद अपनी चरम सीमा पर था। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन टॉमन सिंह सोनवानी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने पांच करीबी रिश्तेदारों का चयन कराया:

नीतेश सोनवानी (बेटा) व निशा कोसले (बहू): डिप्टी कलेक्टर

दीपा अजगले (भाई की बहू): जिला आबकारी अधिकारी

सुनीता जोशी (भांजी): श्रम अधिकारी

साहिल सोनवानी (बड़े भाई का बेटा): डीएसपी

सुनवाई की तैयारी, न्याय की उम्मीद
सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की न्यायिक सुनवाई शुरू होगी। इस खुलासे ने उन हजारों अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद जगाई है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की थी लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। अब सबकी नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या इस भर्ती के जरिए अवैध तरीके से कुर्सी पाने वालों पर गाज गिरेगी?

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