रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने राजधानी रायपुर की चर्चित आवासीय परियोजना वॉलफोर्ट एलेन्सिया के प्रमोटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत की गई है।
रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि परियोजना का विकास नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) द्वारा स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप नहीं किया गया, जो कानून का गंभीर उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि परियोजना में स्वीकृत ले-आउट से हटकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है। यह रेरा अधिनियम की धारा 14(1) का सीधा उल्लंघन माना गया, जिसके तहत किसी भी परियोजना का विकास केवल सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत ले-आउट और नक्शे के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य है।
रेरा ने यह भी संज्ञान लिया कि वर्तमान में उक्त एसटीपी का उपयोग परियोजना के फ्लैट खरीदारों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में यदि इस स्तर पर एसटीपी को हटाने या पुनर्निर्माण का निर्देश दिया जाता है, तो इससे सीधे तौर पर आबंटितियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण जनहित और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने फिलहाल एसटीपी को हटाने या पुनर्निर्माण का आदेश नहीं दिया है।
हालांकि, रेरा ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत ले-आउट से किया गया यह विचलन गंभीर कानूनी उल्लंघन है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर प्रमोटर को दोषी ठहराते हुए 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्राधिकरण का मानना है कि इस कार्रवाई से अन्य प्रमोटरों को भी नियमों का पालन करने का सख्त संदेश जाएगा।
छत्तीसगढ़ रेरा ने दोहराया है कि स्वीकृत ले-आउट, नक्शे या योजनाओं से बिना सक्षम प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का परिवर्तन कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। रेरा अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे घर खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा।