Token Tuhar Hath App : सफलता की कहानी : राजू लाल टेकाम जैसे हजारों किसानों के लिए वरदान बना ‘टोकन तुहंर हाथ’ ऐप

Token Tuhar Hath App

Token Tuhar Hath App : हिंगोरा सिंह : अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी केंद्रों में लागू की गई डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था किसानों के लिए खुशहाली का नया रास्ता खोल रही है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द के किसान राजू लाल टेकाम के लिए इस वर्ष की धान खरीदी किसी उत्सव से कम नहीं रही। उन्होंने शासन की नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे ‘सुगम और सम्मानजनक’ बताया है।

Token Tuhar Hath App : घर बैठे काटा टोकन, बची समय और मेहनत
किसान राजू लाल टेकाम ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश की वजह से उनकी फसल लहलहा रही है। उनके पास लगभग 100 क्विंटल धान का रकबा है। पहले टोकन के लिए समितियों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब ‘टोकन तुहंर हाथ’ मोबाइल ऐप ने सब कुछ बदल दिया है। उन्होंने घर बैठे ही अपनी सुविधा के अनुसार 50 क्विंटल धान का डिजिटल टोकन काट लिया। इस ऑनलाइन व्यवस्था से किसानों को न केवल लंबी लाइनों से मुक्ति मिली है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बचत हो रही है।

उपार्जन केंद्रों में मिल रही हैं वीआईपी सुविधाएं
राजू लाल ने शिवपुर धान उपार्जन केंद्र के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि केंद्र में पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाने की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की गई। उन्हें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ा। इसके अलावा, केंद्र में भीषण धूप से बचाव के लिए छाया, बैठने के लिए बेंच और ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को अपना अनाज बेचते समय कोई परेशानी नहीं हो रही।

3100 रुपये का भाव और 21 क्विंटल की खरीदी से बढ़ी आय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल दाम देने और प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी के फैसले ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी है। राजू लाल कहते हैं, “सर्वाधिक दाम मिलने से अब खेती लाभ का सौदा लगने लगी है। धान से हुई अच्छी कमाई की बदौलत अब हम किसान गेहूं, तिलहन और सब्जियों जैसी दूसरी फसलों में भी निवेश कर रहे हैं, जिससे हमारी साल भर की आमदनी बढ़ गई है।”

भरोसेमंद और पारदर्शी हुई व्यवस्था
डिजिटल तकनीक और पारदर्शी प्रणाली ने धान खरीदी केंद्रों से बिचौलियों के हस्तक्षेप को पूरी तरह खत्म कर दिया है। राजू लाल जैसे प्रगतिशील किसानों का मानना है कि इस व्यवस्था ने सरकार के प्रति उनका भरोसा और बढ़ाया है। सुगम धान खरीदी के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है।

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