भानुप्रतापपुर। नगर पंचायत के अधिकृत क्षेत्र अंतर्गत केवटी मार्ग स्थित गौरव पथ पर प्रीमियम मदिरा दुकान खोलने के निर्णय को लेकर विरोध तेज हो गया है। वार्ड क्रमांक 10 की पार्षद मंदीप कौर ढिंडसा ने इसे शहर की सामाजिक, धार्मिक और नैतिक मर्यादाओं पर सीधा आघात बताया है।
पार्षद मंदीप कौर ढिंडसा ने कहा कि प्रस्तावित मदिरा दुकान का स्थान अत्यंत संवेदनशील है। दुकान के ठीक सामने शिव मंदिर, कुछ ही दूरी पर गुरुद्वारा साहिब स्थित है, जबकि पीछे विद्यालय है। इसके अलावा आसपास घनी रिहायशी बस्ती और गैस एजेंसी भी मौजूद है। ऐसे पवित्र और शैक्षणिक वातावरण में मदिरा दुकान खोलने का निर्णय धार्मिक स्थलों के सम्मान और बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार धर्म और संस्कार की बात की जाती है, लेकिन इस मामले में मदिरालय से संबंधित दूरी और संवेदनशीलता के सभी मानकों की अनदेखी की गई है। विशेष रूप से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों पर इसके नकारात्मक प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
पार्षद ने यह भी बताया कि क्षेत्र माइंस एरिया होने के कारण पहले से ही भारी वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर मदिरा दुकान खुलने से शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की आशंका बढ़ेगी, जिससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
मंदीप कौर ढिंडसा ने प्रशासन से मांग की है कि मदिरा दुकान को वर्तमान स्थान से तत्काल हटाया जाए, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और रिहायशी क्षेत्रों के निकट मदिरालय खोलने के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा सार्वजनिक सुरक्षा, बच्चों के हित और सामाजिक शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और विधिसम्मत तरीके से धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किया जाएगा। पार्षद ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भानुप्रतापपुर शहर की गरिमा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य और धार्मिक-सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए है।