बिलासपुर। जमीन विवाद को लेकर दामाद की निर्मम हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने ससुर, साले और मृतक की पत्नी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है, जो करीब तीन वर्ष पुराना है। मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक विजेंद्र तिवारी ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम वेदपरसदा में 16 जुलाई 2022 को ग्राम खैरा निवासी संतोष साहू की उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने हत्या कर दी थी और शव को कीचड़ में फेंक दिया था। घटना के बाद आरोपियों ने थाने में यह जानकारी दी कि संतोष साहू शराब के नशे में छत से गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच में हत्या का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मृतक संतोष साहू का वेदपरसदा स्थित अपने ससुराल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उसने अपनी सास से जमीन खरीदी थी और पूरी रकम चुका दी थी, लेकिन ससुराल पक्ष रजिस्ट्री नहीं कर रहा था।
16 जुलाई 2022 को ससुराल वालों ने जमीन की रजिस्ट्री करने का बहाना बनाकर संतोष साहू को वेदपरसदा बुलाया। वह अपने दो बच्चों के साथ ससुराल पहुंचा, जहां उसकी पत्नी राजेश्वरी पहले से मायके में रह रही थी। अभियोजन के अनुसार गांव पहुंचते ही पत्नी राजेश्वरी, सास दशोमती, ससुर श्यामलाल साहू और साला योगेश ने मिलकर लाठी, उंडा और चाकू से हमला कर संतोष साहू की हत्या कर दी।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।