रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम के एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला समने आया है, यहां नेशनल स्केटिंग खिलाड़ी को प्रिंसिपल ने इतना डराया कि नाबालिग आदिवासी छात्र जान देने के लिए तीसरी मंजिल से कूद गया। बोधि इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाला 13 साल का छात्र शुक्रवार को स्कूल की तीसरी मंजिल से करीब 36 फीट ऊंचाई से कूद गया। छात्र ने तीन दिन पहले मोबाइल से क्लास में रील बनाई और इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी।
प्रिंसिपल ने उसे शुक्रवार को बुलाकर निलंबन की धमकी दी। सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि छात्र ने सवा तीन मिनट में 47 बार ‘सॉरी’ कहा, कान भी पकड़े। लेकिन प्रिंसिपल ने पिता को बुलाया तो छात्र डर गया। तुरंत दौड़ा और तीसरी मंजिल से कूद गया। पीछे दौड़ते स्पोर्ट्स टीचर भी उसे रोक नहीं पाए। छात्र के पैर और रीढ़ की हड्डी में मल्टीपल फ्रैक्चर हैं लेकिन वह खतरे से बाहर है। छात्र स्केटिंग का राष्ट्रीय खिलाड़ी है। उसने 5 नेशनल अवार्ड जीते हैं। 6 दिसंबर को राष्ट्रीय स्पर्धा में खेलने विशाखापट्टनम जाने वाला था। लेकिन उसके पहले ही शुक्रवार को यह घटनाक्रम हो गया।
माफी मांगता रहा छात्र
इधर घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल बोलीं- हम तो बच्चे को समझा रहे थे, प्रिंसिपल डाली चौहान ने बताया बच्चे ने मोबाइल से क्लास में वीडियो बनाया था। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया तो पता चला। उसको डर था कि उसके पैरेंट्स को पता नहीं चले। हम बच्चों को न मारते हैं और न मेंटली टार्चर करते हैं। उसको रियलाइज करना जरूरी था कि गलत चीज है। हमारे पास एक ही बात रहती है कि सस्पेंड कर देंगे। रियलाइज होने पर क्लास में भेज देते। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया और जांच के लिए एसडीएम आर्ची हरित और तहसीलदार मौके पर पहुंची और बताया कि जल्द कार्रवाई होगी।
छात्र का इलाज करने वाले डॉ. लेखराज पाटीदार ने बताया बच्चे के दोनों पैर, स्पाइन, राइट ह्यूमरस और जबड़े का भी फ्रैक्चर है। मल्टीपल सर्जरी होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि उसके सिर में कोई चोट नहीं है। 6-7 महीने में वह पूरी तरह रिकवर हो जाएगा और एक बार फिर खेल भी सकेगा। इलाज यहां भी हो सकता है, लेकिन परिजन अहमदाबाद ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।