युक्तियुक्तीकरण पीड़ित शिक्षक संघ 24 से करेगा अनिश्चितकालीन हड़ताल

पीड़ित शिक्षक प्रदीप राय, रघुनंदन साहू, रेणुका चंद्राकर, कोमल पटेल ममता सोनवानी,सुजीत शर्मा, सुभाष मिश्रा, रविशंकर वर्मा, राहूल
टाटया ने जानकारी देते हुए बताया कि युक्तियुक्तीकरण प्रक्रिया से उत्पन्न अन्याय, वरिष्ठता निर्धारण की त्रुटि, न्यायालयीन प्रकरण के बावजूद वेतन रोके जाने तथा नियम विरुद्ध पदस्थापना – पदांकन संबंधी समस्याओं के निराकरण एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए हेतु मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौपा गया था। मांगे पूरी नही होने पर संघ द्वारा अनिश्चित कालीन हड़ताल करने पर सहमति बनी है।

बता दे कि प्रदेश के अनेक शिक्षक युक्तियुक्तीकरण प्रक्रिया के कारण विगत कई माह से गंभीर प्रशासनिक
अन्याय एवं मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। विभागीय स्तर पर बार-बार निवेदन करने के बावजूद समस्याओं का समाधान न कर कार्यवाही का डर दिखाया जा रहा है। संक्षेप में प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं।

कांकेर जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत विषय आधारित न करते हुए कौन्सिलिंग वरिष्ठता आधार पर की गई जबकि संभाग में विषय आधारित की गई है। जो नियम के विरुद्ध है। डीपीआई रायपुर के नियम से जिले में हुई कौन्सिलिंग पद्धति के आधार पर संभाग में किया जाना चाहिए लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए अपने करीबियों को बचाने में लगे रहे। बता दे कि कांकेर जिले में शिक्षकों के 50 से अधिक पद रिक्त है बावजूद 400 से 500 किलो मीटर दूर फेका जा रहा है।


महिला शिक्षको को भी नही बक्शा गया।

2 • वरिष्ठता निर्धारण में त्रुटि कर कनिष्ठ शिक्षकों को वरीयता दी गई तथा वरिष्ठ शिक्षकों को अनुचित रूप से “अतिशेष”
घोषित किया गया।
3 • पूर्व से विषयवार पदस्थ शिक्षकों वाले विद्यालयों में भी नए पदोन्नत शिक्षकों को पदस्थ कर जानबूझकर नियम विरुद्ध
” अतिशेष ” घोषित किया गया। 4•वास्तविक रिक्त पदों॰ को छिपाकर और आवश्यकता से अधिक पदांकन दर्शाकर युक्तियुक्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई,
जो नियम एवं पारदर्शिता दोनों के विपरीत है।
5 ॰न्यायालयीन प्रकरण होने व न्यायलीन निर्देशों के बावजूद पिछले 5-6 महीनों से संबंधित शिक्षकों का मूल शाला में ना तो
कार्यभार ग्रहण कराया गया ऊपर से वेतन आहरण 5-6 माह से अनैतिक एवं अवैधानिक रूप से रोका गया है, जिससे शिक्षक-
परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।


6• अभ्यावेदन एवं स्पष्टीकरणों पर विभागीय स्तर पर गठित चार स्तरीय समितियां में अभ्यावेदन लेने से इनकार किया जा
रहा और किसी तरह से ले भी दिया जाता है तो उचित सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे शिक्षक वर्ग में असंतोष व्याप्त है।
7 • पति पत्नि• एक स्थान आधार पर पूर्व में स्थानांतरण करवाकर आए है उन्हें युक्तिकरण में फिर दूर भेजना सामान्य प्रशासन
विभाग के आदेश के विपरीत है (साथ ही पूरे सर्विस काल में सिर्फ एक बार पति पत्नि आधार पर स्थानांतरण हो सकता है )
8 • गंभीर बीमारी के आधार तो पूर्व से लागू है अनुसार राहत मिलनी चाहिए ।
9, 2008 सेटअप पदसंरचना अनुसार अतिशेष चिन्हाकन किया जाय ।
10, इन परिस्थितियों से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और विद्यालयों में शिक्षण कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
अतः उपर्युक्त समस्याओं के समाधान एवं न्यायोचित कार्यवाही की मांग की गई है।

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