बिलासपुर। जिले में इंटरकास्ट मैरिज को लेकर सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है। बिलासपुर के एक रिटायर्ड अफसर ने आरोप लगाया है कि बेटे की इंटरकास्ट शादी के बाद उन्हें और उनके परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया। मामले में पुलिस ने पनिका समाज के चार प्रांतीय पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।
तारबाहर क्षेत्र के डीपूपारा निवासी कमल किशोर परवार, जो कलेक्टर कार्यालय में अधीक्षक के पद से रिटायर हो चुके हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके बेटे हितेश परवार ने 4 नवंबर 2024 को साहू समाज की युवती से विवाह किया। इस शादी के बाद पनिका समाज के कुछ प्रांतीय पदाधिकारियों ने उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों से दूर कर दिया और परिवार को समाज से निष्कासित कर दिया।
रिटायर्ड अफसर के अनुसार, उन्होंने अपनी बहू को समाज में शामिल करने के लिए जिला पनिका समाज अध्यक्ष को आवेदन दिया था, जिसके बाद 1 दिसंबर 2024 को दीनदयाल गार्डन, व्यापार विहार में जिला और प्रांतीय पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में यह सहमति बनी कि ऋचा साहू को समाज में शामिल किया जा सकता है। बैठक में समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
शादी मिलान कार्यक्रम के लिए निर्धारित तिथियों पर प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। बाद में 1 फरवरी को जिला अध्यक्ष और लगभग 70-80 सदस्यों की उपस्थिति में विवाह मिलान की औपचारिकता पूरी की गई। 2 मार्च को रिसेप्शन भी आयोजित किया गया। आरोप है कि इसकी जानकारी मिलने पर प्रांतीय पदाधिकारियों ने परवार परिवार को समाज से बाहर कर दिया।
1 मार्च 2025 को मुंगेली रोड पर हुई बैठक में कई पदाधिकारियों ने न केवल परवार परिवार, बल्कि विवाह मिलान कार्यक्रम में सहयोग देने वाले अन्य सामाजिक सदस्यों को भी निष्कासित कर दिया। इससे परिवार और संबंधित लोगों को सामाजिक बदनामी और बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। रिश्तेदारों के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी भी बाधित हो रही है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने समाज प्रमुख जेआर साकत, थानू राम बघेल, दशरथ साकत और वंशधारी सांवरा के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।