नशीली दवा के तस्करों को 15 वर्ष का सश्रम कारावास… 1 लाख रुपये का जुर्माना


विदित हो कि सरायपाली , सिंघोड़ा व बलौदा थानो में विगत कुछ वर्षो पूर्व लगातार गांजा व नशीली पदार्थो के तस्करी मामले में अनेको प्रकरण दर्ज किए गए थे । आये दिनों सभी थानों व खासकर सीमा स्थित सिंघोड़ा थाने में सर्वाधिक गांजा , नगदी , जेवरात , नशीले पदार्थों के खिलाफ सम्बंधित पुलिस व एन्टी नारकोटिक टीम के संयुक्त प्रयासों व लगातार निगरानी व सतर्कता के चलते काफी मात्रा में गांजा की जप्ती कर मामला तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था ।

लंबी सुनवाई व कार्यवाही के बाद अब न्यायालय द्वारा ऐसे आरोपीयो के खिलाफ फैसला आना प्रारभ हो गया है । अभी तक 3-4 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा सजा व जुर्माने का आदेश दिया गया है । किंतु इसके बावजूद अभी भी पहले की अपेक्षा प्रकरण कम आ रहे हैं । न्यायालय व पुलिस की लगातार कड़ी सजा व कार्यवाही के चलते तस्करों में कुछ तो भय व्याप्त हुआ है ।

मामला चौकी बलौदा थाना सरायपाली से संबंधित है, घटना दिनांक 04/02/2021 को मुखबीर सूचना मिली की दो व्यक्ति उडिया से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवा रखकर सिरपुर नाका में, ग्राहक का इंतजार कर रहे है, सूचना पर तत्कालिन चौकी बलौदा प्रभारी उप निरीक्षक नसीम उ‌द्दीन पुलिस स्टॉफ के साथ घटना स्थल पहुँचकर घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों को पकडकर पुछताछ करने पर अपना नाम बुधा उर्फ बुध्ददेव पडि तथा दुसरा व्यक्ति वे अपना वाम रंजन कारे बताया, दोनो उडिसा के निवासी थे,

प्रारंभिक औपचारिकता पश्वात् आरोपीयों द्वारा रखे गये बोरी से 221 नग. वेलसिरेक्स कफ सिरफ, 160 पत्ता एलप्रासोलम टेबलेट, कुल 1,600 टेबलेट, 58 पत्ता स्पास ट्रानफेन प्लस कुल 464 टेबलेट, एक स्प्रिंग चाकु, एक एयर गन तथा अपराध में प्रयुक्त पलसर मोटर सायकल को जप्त कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई।

व्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान अंतिम तर्क पश्चात् आरोपी रंजन कारे जमावत पर रिहा हो गया था और वह पुनः न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ, अन्य आरोपी बुध्दा उर्फ बुध्ददेव का प्रकरण पृथक को अपराध में दोषी पाते हुए, उसे विशेष न्यायालय (NDPS) सरायपाली द्वारा दण्डित किया गया। विवेचना उप निरीक्षक नसीम उ‌द्दीन एवं स.उ.वि. अनिल पालेश्वर द्वारा की गई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र कुमार शर्मा द्वारा पैरवी की गई।

यह उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध विक्रय उपयोग, परिवहन के बहुत कडे कानून है तथा व्यायालय ऐसे गंभीरतम मामलों में दण्डादेश में कोई नरमी नह करती, युवा वर्ग नशीली दवाओं के सेवन से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है परन्तु हैरानी की बात है यह ही कि ऐसी सजाओं व पुलिस कार्यवाही के बाद गांजा व नशीली पदार्थो के तस्करी व परिस्थितियों में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है ।

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