रायपुर। राजधानी के सुभाष स्टेडियम में आयोजित तीजा-पोरा उत्सव में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के भाषण पर सियासी हलचल तेज हो गई थी। उनके बयान को लेकर पार्टी अनुशासन पर सवाल उठने लगे थे। इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चौबे का बयान अनुशासनहीनता का मामला नहीं है।

भूपेश बघेल ने कहा, “चौबे जी से मेरे पारिवारिक संबंध हैं। कार्यक्रम तीज मिलन का था और संयोग से मेरा जन्मदिन भी था। उन्होंने स्नेहपूर्वक और भावुकता में बात कही, इसे गंभीर राजनीतिक मुद्दा नहीं मानना चाहिए।” उन्होंने बताया कि चौबे ने भाषण में कहा था कि भूपेश बघेल संघर्षशील व्यक्ति हैं और आगे भी सब मिलकर संघर्ष करेंगे और चुनाव जीतेंगे।
कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर बघेल ने कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती है और हाईकमान जिसे भी जिम्मेदारी देता है, उसके नेतृत्व में काम किया जाता है।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा मुद्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है, जबकि बस्तर में प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति पर वह मौन है। उन्होंने कहा कि किसानों, कानून व्यवस्था और बिजली की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि अनावश्यक बयानबाजी की।