रायपुर के गोकुलनगर गोठान में रक्षाबंधन को लेकर खास पहल की जा रही है, जहां गायों के गोबर से सुंदर-सुंदर राखियां तैयार की जा रही हैं। यह कार्य 13 महिलाओं के समूह द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले 6 वर्षों से इस अनोखी राखी निर्माण में जुटी हैं।


इस बार तैयार की गई राखियों की खासियत यह है कि इनमें केवल गोबर ही नहीं, बल्कि तुलसी और फूलों के बीजों का भी प्रयोग किया गया है, जिससे ये राखियां पर्यावरण अनुकूल और पौधरोपण को बढ़ावा देने वाली बन गई हैं।
अब तक 5,000 से अधिक गोबर राखियां तैयार की जा चुकी हैं, जिनकी कीमत 20 रुपये प्रति राखी तय की गई है। ये राखियां छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली तक भेजी जा रही हैं, जहां इनकी अच्छी मांग देखने को मिल रही है।
इस पहल से न केवल महिलाएं पैसे कमा रही हैं , बल्कि स्थानीय संसाधनों से त्योहार मनाने का संदेश भी दे रही है।
