पटना: बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। आयोग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से सभी प्रमुख दलों की स्थिति का विवरण भी सार्वजनिक किया है।

मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 47,506 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) होने के बावजूद 1 अगस्त से 6 अगस्त तक एक भी आपत्ति दर्ज नहीं हुई।
- सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन के 1,496 बीएलए हैं, लेकिन उनकी ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली।
- चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी दलों की जानकारी सार्वजनिक की है।
क्या है एसआईआर?
स्पेशल सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की गहन जाँच की जाती है ताकि फर्जी या अप्रासंगिक नाम हटाए जा सकें।
आगे की प्रक्रिया
- यदि किसी पार्टी या नागरिक को मतदाता सूची में कोई त्रुटि दिखती है, तो वह निर्धारित समय सीमा में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
- चुनाव आयोग ने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की है।
#BiharVoterList #ElectionCommission #SIR2025 #BiharPolitics