लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के 1 महीने बाद प्रशासन की नींद टूटी है। जिस अवैध व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 बेगुनाह युवाओं की जान चली गई थी, उस पर विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ढहाने का काम शुरू कर दिया।
15 दिन की मियाद खत्म होने पर कदम
प्राधिकरण के न्यायालय ने बीते 10 जुलाई को इस अवैध इमारत को गिराने का आदेश दिया था। भवन मालिकों को 15 दिन के भीतर खुद ही निर्माण हटाने का समय दिया गया था। 25 जुलाई तक जब मालिकों ने निर्माण नहीं हटाया, तो शनिवार को दस्ता मौके पर पहुंच गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी पुलिस बल
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। क्षेत्र की घेराबंदी करके सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि काम के दौरान कोई हादसा न हो। इमारत के ऊपरी हिस्सों को तोड़ने के लिए मलबे का रास्ता तैयार करके मशीनें ऊपर तक पहुंचाई गई हैं।
1 महीने बाद भी उठ रहे गंभीर सवाल
कार्रवाई के बावजूद पीड़ित परिवारों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। 22 जून को हुए इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के 30 दिन बीत जाने के बाद भी लापरवाही बरतने वाले बड़े अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। लखनऊ में बुलडोजर कार्रवाई जारी है, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी भवन मालिक भी अभी तक फरार चल रहा है।
जांच और कार्रवाई की स्थिति
शासन की ओर से गठित दो सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस मामले में अब तक केवल 5 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी पर इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी है। अब देखना होगा कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।