सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र स्थित मदननगर में प्रस्तावित कोल परियोजना के लिए भूमि सीमांकन को लेकर विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई भिड़ंत में एक DSP समेत करीब 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि उग्र भीड़ ने पुलिस की 5 बसों और कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने सरगुजा संभाग से 400 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए हैं। पुलिस वाटर कैनन और आंसू गैस के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि मदननगर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि टीम हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मामलों के नामजद आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी, तभी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस बल प्रस्तावित कोल परियोजना के लिए भूमि सीमांकन की कार्रवाई को सुरक्षा देने पहुंचा था और इसी का विरोध किया जा रहा था।

घटनास्थल पर कलेक्टर सहित राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन भूमि सीमांकन और घटना को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।