Indore EOW Action : इन्दौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इन्दौर के देपालपुर स्थित गीता विहार कॉलोनी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सख्त रुख अपनाया है। EOW ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलोनी विकास कंपनी के डायरेक्टर सुरेश ठाकुर और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
बंधक प्लॉटों को अवैध रूप से बेचकर लाखों की ठगी
EOW की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2018 के दौरान कॉलोनी के करीब 55.80 लाख रुपये मूल्य के प्लॉटों का सौदा किया गया था। आरोपी बिल्डरों ने शासकीय और कानूनी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बैंक या संबंधित विकास प्राधिकरण से बंधक (Mortgage) प्लॉटों को मुक्त कराए बिना ही सीधे खरीददारों के नाम रजिस्ट्री करा दी और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
फर्जी प्रमाण पत्र और बिना विकास कार्य के बिक्री का आरोप
जांच में कई गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं। कॉलोनी में सीवेज, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित ही नहीं की गई थीं, इसके बावजूद प्लॉटों की अंधाधुंध बिक्री जारी रखी गई। यही नहीं, EOW कॉलोनी निर्माण और विकास कार्यों को पूरा दर्शाने के लिए पेश किए गए फर्जी इंजीनियरिंग प्रमाण-पत्रों की भी गहन जांच कर रही है।
दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल शुरू
EOW की टीम ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज (Fake Documents) तैयार करने और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी अब जमीन के सौदे से जुड़े सभी मूल दस्तावेजों, रजिस्ट्री पत्रों और बिल्डरों के खातों से हुए वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिससे इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल अन्य चेहरों को भी सामने लाया जा सके।