पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का अवैध दफ्तर ढहाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित इस पांच मंजिला इमारत को गिराने के लिए तीन बुलडोजर तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बिना वैध दस्तावेजों और बिना मंजूरी के बनाई गई इस इमारत को खाली करने का नोटिस पहले ही दिया गया था, लेकिन कोई जवाब न मिलने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। सुबह-सुबह भारी मशीनों के पहुंचते ही वहां स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ जुट गई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टीएमसी के कार्यकर्ता भी आमने-सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने घटना स्थल पर बड़ी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं। यह पांच मंजिला कार्यालय विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से बंद पड़ा हुआ था।
17 संपत्तियों को मिल चुका है नोटिस
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद शुभेंदु अधिकारी की सरकार सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों और नियमों के खिलाफ बनी इमारतों पर कड़ा रुख अपना रही है। यह विवाद तब और गहरा गया जब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी, उनके परिवार और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ से जुड़े नामों पर दर्ज 17 संपत्तियों को ढहाने का नोटिस जारी किया। इन संपत्तियों में हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित बनर्जी का निजी आवास ‘शांतिनिकेतन’ भी शामिल है। डायमंड हार्बर क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकें पहले इसी कार्यालय में आयोजित की जाती थीं।
निर्माण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या प्रशासनिक अनुमति
जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस निर्माण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या प्रशासनिक अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। यही वजह है कि नियमों के तहत इस पांच मंजिला निर्माण को पूरी तरह अवैध घोषित किया गया है। दूसरी तरफ, टीएमसी नेतृत्व ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित बताया है। इसके विपरीत, सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीति और कानून-व्यवस्था पर गहरा असर
इस बड़ी कार्रवाई का राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। कोलकाता और दक्षिण 24 परगना के संवेदनशील इलाकों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जमीनी और कानूनी संघर्ष और तेज हो सकता है। इसके अलावा, अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ भी सरकार का अभियान तेज होने से रियल एस्टेट सेक्टर और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
भारी सुरक्षा के बीच पांच मंजिला इमारत को तोड़े जाने का काम जारी
फिलहाल मौके पर भारी सुरक्षा के बीच पांच मंजिला इमारत को तोड़े जाने का काम जारी है। प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है और राजनीतिक झड़पों को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और कोर्ट के संभावित रुख पर सबकी नजरें टिक गई हैं, जिससे जुड़ी पल-पल की अपडेट जल्द ही साझा की जाएगी।