गुजरात एटीएस (ATS) ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 5 और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अयूब काडीवाल, मोहम्मद शफी मुखी, मोहम्मद हसन राडिया और मोहम्मद अयूब सुमासरा के तौर पर हुई है। एटीएस की जांच में सामने आया है कि इन पांचों का संबंध पिछले महीने पकड़े गए 8 आतंकियों के साथ था। ये सभी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहे थे।
आतंकी मंसूबों का खुलासा
एटीएस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद काफी समय से गुजरात में अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा था। संगठन का मुख्य मकसद गुजरात में स्लीपर सेल तैयार करना था। स्लीपर सेल का मतलब उन लोगों से होता है जो सामान्य जीवन जीते हैं, लेकिन समय आने पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। एटीएस के अनुसार, संगठन को उत्तर गुजरात के कुछ युवाओं को अपने साथ जोड़कर अपने नापाक मंसूबों को आगे बढ़ाने का मौका मिल गया था।
खतरा टालने में मिली सफलता
गुजरात का इतिहास रहा है कि यहां आतंकी संगठन पहले भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं। एटीएस की इस त्वरित कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते इन संदिग्धों को पकड़ लेने से एक बड़ा खतरा टाल दिया गया है।
फिलहाल एटीएस की टीम इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इनके और कितने साथी छिपे हुए हैं। पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
