छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज (17 जुलाई) पांचवां और अंतिम दिन है। विधायी कामकाज के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आज सदन में प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्यों के साथ-साथ सत्र के अंतिम ढाई घंटे अशासकीय कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। आज सदन के पटल पर विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए लाया जाएगा, जिस पर तीखी बहस होने के आसार हैं। इसके अलावा, प्रश्नकाल के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दयालदास बघेल विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे, जबकि वित्त मंत्री ओपी चौधरी स्थानीय निकायों से संबंधित बहुप्रतीक्षित सीएजी (CAG) रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखेंगे। साथ ही विधायक गोमती साय, धर्मजीत सिंह और भैयालाल राजवाड़े भी विभिन्न प्रतिवेदनों को प्रस्तुत करेंगे।
राज्य के इतिहास का 10वां अविश्वास प्रस्ताव मानसून सत्र का आखिरी दिन राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहने वाला है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्र के दूसरे दिन ही साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी थी, जिसे स्वीकार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने चर्चा के लिए 17 जुलाई की तारीख तय की थी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विधानसभा में लाया जाने वाला यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले पेश किए गए सभी नौ अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के अभाव में गिर गए थे। आज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत इस प्रस्ताव को सदन के सामने रखेंगे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार जुबानी जंग देखने को मिल सकती है।
फर्जी ग्रामसभा और उद्योगों को जमीन आवंटन पर बवाल सत्र के चौथे दिन भी सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के सहारे उद्योगों को जमीन आवंटित करने का गंभीर मुद्दा उठाया था। इस पर जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने माना कि रायपुर जिले के तिल्दा जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम अल्दा में ग्रामसभा प्रस्ताव में जालसाजी की शिकायतें सही पाई गई हैं और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज करा दी गई है। हालांकि, भूपेश बघेल ने इस आवंटन को तुरंत निरस्त करने और दोषी सरपंच-सचिव पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर पूरे विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया था।
ध्वनिमत से पारित हुए महत्वपूर्ण विधेयक हंगामे के बीच चौथे दिन सदन ने विधायी कार्यवाहियों को आगे बढ़ाया, जिसमें ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ और ‘छत्तीसगढ़ अग्निशमन और आपातकालीन सेवा संशोधन विधेयक’ को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। आज सत्र के अंतिम दिन भी कई अहम फैसले और तीखी बहसें देखने को मिलेंगी।