केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) से जुड़ी एक बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन आने वाले कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के कैश सेक्शन ने 16 जुलाई 2026 को एक नया आधिकारिक सर्कुलर (F.No. G-14019/02/2026-Cash) जारी किया है। इस नए आदेश के तहत अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी हवाई यात्रा की प्लानिंग और एडवांस क्लेम के लिए बेहद सख्त नियमों के दायरे में रहना होगा।
लास्ट-मिनट बुकिंग और फिजूलखर्ची पर लगी लगाम दरअसल, विभाग द्वारा एलटीसी (LTC) क्लेम की गहन जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कई अधिकारी और कर्मचारी अपनी यात्रा की तारीख से ठीक कुछ दिन पहले या उसी सप्ताह में हवाई टिकट बुक कर रहे थे। ऐन वक्त पर की जाने वाली इस ‘लास्ट-मिनट बुकिंग’ की वजह से टिकट काफी महंगे मिलते हैं, जिसका सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ता है और अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता है। इसी वित्तीय नुकसान और फिजूलखर्ची को पूरी तरह रोकने के लिए विभाग ने अब सख्त रुख अख्तियार किया है।
नए नियमों के तहत दो बड़ी समय-सीमाएं (Deadlines) तय की गई हैं:
- कम से कम 21 दिन पहले बुकिंग अनिवार्य: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी प्रस्तावित हवाई यात्रा की तारीख से कम से कम 21 दिन पहले टिकट जरूर बुक कर लें, ताकि सरकारी पैसों की बचत हो सके और किफायती किराए का लाभ मिले।
- 30 दिन पहले एडवांस के लिए आवेदन: यदि कोई कर्मचारी सरकार से ‘एलटीसी एडवांस’ की सुविधा का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे अपनी यात्रा शुरू होने से कम से कम 30 दिन पहले इसके लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन करना होगा।
आवेदन के साथ देना होगा यह खास सबूत नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एडवांस के आवेदन पत्र के साथ कर्मचारी को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (अधिकृत) ट्रैवल एजेंसी की वेबसाइट का एक ताजा प्रिंटआउट भी संलग्न करना होगा। इस प्रिंटआउट में संबंधित फ्लाइट और उसके किराए का पूरा ब्योरा साफ-साफ दिखाई देना अनिवार्य है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई अवर सचिव (B&A) विनय प्रताप बहादुर सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर में साफ कर दिया गया है कि इन सभी गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत और कड़ाई से पालन (Strict Compliance) करना हर हाल में अनिवार्य है। इस नए आदेश को ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचा दिया गया है, ताकि नियमों की अनदेखी की कोई गुंजाइश न रहे।