भिलाई इस्पात संयंत्र और टाउनशिप में पाइप्ड नेचुरल गैस उपलब्ध कराने की दिशा में अहम पहल
रमेश गुप्ता
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को बीएसपी और अडाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) के बीच संयंत्र एवं टाउनशिप में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल से ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ हरित औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैन तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अडाणी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से नविंदरजीत सिंह बेदी और भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी.के. बेहरा ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।

एलपीजी और प्रोपेन की जगह पीएनजी के उपयोग पर चर्चा: भविष्य की नई कार्ययोजना
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान संयंत्र में पाइप्ड नेचुरल गैस के उपयोग का दायरा बढ़ाने, वर्तमान में उपयोग हो रहे प्रोपेन और एलपीजी के स्थान पर तकनीकी रूप से उपयुक्त क्षेत्रों में पीएनजी अपनाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर उप प्रबंधक (जनसंपर्क) शालिनी चौरसिया ने भिलाई इस्पात संयंत्र की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी साबित होगी। इससे स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि होगी तथा सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
हरित औद्योगिक विकास की ओर बढ़ते कदम: शीर्ष अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी
बीएसपी और अडाणी टोटल गैस लिमिटेड के बीच हुआ यह समझौता संयंत्र एवं उसकी टाउनशिप में पाइप्ड नेचुरल गैस की उपलब्धता और उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और देश के हरित एवं सतत औद्योगिक विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।
इस ऐतिहासिक समारोह के अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी.के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार सहित संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक एवं कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।