भिलाई में गुंडागर्दी का अंत: छात्रों को धमकाकर पैसे वसूलने वाले 2 आरोपी जेल भेजे गए

रमेश गुप्ता

भिलाई। भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए दहशत का सबब बने एक बदमाश गिरोह पर पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। ये बदमाश रोजाना स्कूली बच्चों को रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज करते थे और शराब पीने के लिए पैसों की जबरन मांग करते थे। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं गिरोह में शामिल दो अपचारी बालकों (नाबालिगों) को भी हिरासत में लिया है।

स्कूली बच्चों को रोककर करते थे गाली-गलौज और उगाही

पुलिस को इस मामले की शिकायत मोहम्मद शब्बीर ने दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व रोजाना स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को रास्ते में रोक लेते थे। वे छात्रों के साथ अकारण मारपीट और गाली-गलौज करते थे। हद तो तब हो गई जब ये बदमाश छात्रों से शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे। पैसे देने से इनकार करने पर छात्रों को जान से मारने और गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जाती थीं, जिससे बच्चों में खौफ का माहौल था।

स्कूल के समय पुलिस ने दी दबिश, आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुर्सीपार पुलिस की टीम तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने स्कूल लगने और छुट्टी होने के समय मदनी मस्जिद और मदरसा जोन-2 के आसपास घेराबंदी कर निगरानी बढ़ा दी। जैसे ही संदेही नजर आए, पीड़ित विद्यार्थियों से उनकी पहचान कराई गई। इसके बाद पुलिस ने युवराज साहू (उम्र 19 वर्ष) और शेखर गुप्ता (उम्र 21 वर्ष) को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

हॉकी स्टिक और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के साथ ही उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इसके अलावा, छात्रों को डराने-धमकाने और मारपीट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लकड़ी की एक हॉकी स्टिक भी पुलिस ने बरामद की है।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल, नाबालिगों पर भी एक्शन

गिरफ्तार आरोपी युवराज साहू और शेखर गुप्ता को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस गिरोह में शामिल दो अन्य अपचारी बालकों (नाबालिगों) के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें अभिरक्षा में लिया गया है।

नए कानून ‘बीएनएस’ की इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला

खुर्सीपार पुलिस ने इस पूरे मामले में अपराध क्रमांक 273/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़क धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • धारा 119(1): शासकीय सेवक या कार्य में बाधा/चोट पहुंचाना
  • धारा 296: अश्लील हरकतें और गाली-गलौज करना
  • धारा 351(3): आपराधिक धमकी देना (गंभीर रूप में)
  • धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
  • धारा 3(5): संयुक्त दायित्व (समान मंशा से मिलकर अपराध करना)

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